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स्टेपिंग अप (Stepping up) के सामान्य नियम और रेलवे बोर्ड के महत्वपूर्ण स्पष्टीकरण





वेतन निर्धारण के कुछ मामलो में, जहाँ एक वरिष्ठ कर्मचारी को पदोन्नत किया गया हो और जिसका वेतन – निर्धारण मूल नियम 22–सी के अंतर्गत किया गया हो, और वह ऐसे कनिष्ठ सहकर्मी से कम वेतन ले रहा हो, जिसकी पदोन्नति उस विशेष तिथिअथवाउसके पश्चात हुई हो तो ऐसी असंगति को दूर करने के लिए वरिष्ठ व्यक्ति को उच्चतर पद में, उसी पद में कनिष्ठ व्यक्ति के लिए निर्धारित वेतन के बराबर वेतन पर लाया जाएगा। वरिष्ठ कर्मचारी की यह वेतन – वृध्दि असंगति पैदा होने की तिथि से लागू होगी अर्थात उस तिथि से जिससे कनिष्ठ कर्मचारी का वेतन उच्चतर पद में पुन: निर्धारण किया गया।

यह लाभ देने के लिए निम्न शर्तो का पूरा होना आवश्यक है-

a) वरिष्ठ और कनिष्ठ दोनों अधिकारी एक ही संवर्ग (काडर) के होने चाहिए और वह पद जिन पर उन्हें नियमित आधार पर पदोन्नत किया गया हो एक ही काडर में समान होना चाहिए।

b) निचले तथा उच्चतर पदों के वेतनक्रम जिनमे वह वेतन लेने के हक़दार है, समान होने चाहिए।

c) पदोन्नत हुए कनिष्ठ व्यक्ति का वेतन – निर्धारण बोर्ड के पत्र के पैरा 2 (ख) के अनुसार निम्नतर पद की अगली वेतन वृध्दि के लिये जाने के कारण पैदा हुई होनी चाहिए दूसरे शब्दों में, यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि 

यदि कनिष्ठ व्यक्ति का वेतन – निर्धारण भी समान्य पध्दति के अनुसार सीधे नियम 22- सी के अंतर्गत किया जाता तो यह विसंगति पैदा न होती और यह भी कि निम्नतर पद पर वरिष्ठ व्यक्ति समय – समय पर अपने कनिष्ठ साथी से कम वेतन न लेता रहा हो।

d) वरिष्ठ व्यक्ति का वेतन पुनर्निर्धारण करने के पश्चात् उसे अगली वेतनवृध्दि अपेक्षित अर्हता सेवा अवधि पूरी होने पर ही देय होगी।

(रेलवे बोर्ड ई. (पी. एण्ड ए.) II – 81/पी. पी. 4, दिनांक 30.7.83.)

रेलवे बोर्ड व्दारा वेतन बढ़ाने (स्टेपिंग अप) के संबंध में स्पष्टीकरण

(रेलवे बोर्ड का दिनांक 18.9.65 का पत्र सं. पी.सी. 65/पी.सी.65/पी.पी. 1 और दिनांक 19.3.86 का पत्र सं. पी.सी. 60/पी. पी.- 1 तथा दिनांक 13.11.1981 का पत्र संख्या ई. (पी.एंड ए.) 11-81/पी.पी. 4 और नियम 1316 आर II का स्पष्टीकरण)

प्रश्न – यदि कनिष्ठ रेल सेवक की प्रोन्नति धारणाधिकार / अल्पकालीन रिक्ति पर की जाती है तो क्या नियम 1316 के अनुसार वरिष्ठ रेल सेवक ए वेतन को बढ़ाना अनुमेय होगा?

स्पष्टीकरण – जहाँ कनिष्ठ कर्मचारी को आकस्मिक प्रोन्नति मिलती है, ऐसे मामले को छोडकर वरिष्ठ कर्मचारियों के वेतन बढाने का लाभ दिया जा सकता है। इस प्रकार बढ़ाया गया वेतन कनिष्ठ कर्मचारी के प्रतिवर्तन पर हो तो कम किया जायेगा और न ही उसकी दोबारा प्रोन्नति होने पर फिर बढ़ाया जायेगा।

प्रश्न – यदि पहले प्रोन्नत वरिष्ठ कर्मचारी का वेतन रोक दिया गया हो अथवा उच्च पद के समयमान के निम्नचरण में संचयी प्रभाव सहित या रहित कम किया गया हो, तो वेतन बढाने संबंधी आदेशो को कैसे लागू किया जायेगा?

स्पष्टीकरण – उन मामलो में जहाँ वेतन–वृध्दि रोक दी गई हो अथवा संचयी प्रभाव के बिना उच्च पद के समयपान के निम्न स्तर में रेल सेवक का वेतन घटाया गया हो तो वेतन बढाने के आदेश दण्ड समाप्त होने की तारीख से लागू होंगे और यदि अन्य शर्ते पूरी होती होतो उस समय तक कनिष्ठ कर्मचारी की प्रोन्नति हो चुकी होगी। उन व्यक्तियों के मामले में जिनकी वेतन वृध्दि रोकी गयी हो या जिनके वेतन को संचयी प्रभाव के साथ, उच्च पद के समय वेतनमान के निम्न स्तर में हटाया गया हो, वेतन बढाने के आदेश लागू नही होंगे।

प्रश्न – नियम 1313 (मूल नियम 22) के परन्तुक तथा उस नियम में नीचे उल्लिखित अपवाद के कारण जिन व्यक्तियों के कनिष्ठ कर्मचारियों की निम्न पद में वेतन – वृध्दि हो गयी थी, क्या उनके मामले में वेतन – वृध्दि के मामले लागू होंगे?

स्पष्टीकरण- यदि नियम 1313 (मूल नियम 22) के परन्तुक तथा उस नियम के नीचे उल्लिखित अपवाद को लागू करने के कारण कनिष्ठ कर्मचारी का वेतन निम्न पद के वरिष्ट कर्मचारी से अधिक हो, तो उच्च पद पर वरिष्ठ कर्मचारी का वेतन बढाने का कोई प्रश्न ही नही उठता है।यदि नियम 1313 (मूल नियम 22) के परन्तुक तथा उस नियम के नीचे उल्लिखित अपवाद के लागू होने से कनिष्ठ कर्मचारी का वेतन वरिष्ठ कर्मचारी के वेतन से कम हो और प्रोन्नति होने पर पहले वाले का वेतन नियम 1316 (मूल नियम 22) के उपबंधो के कारण बाद वाले के वेतन से अधिक हो जाता है, तो उच्च पद पर कनिष्ठ कर्मचारी व्दारा लिए गये वेतन के आधार पर वेतन बढ़ाना होगा।

प्रश्न – निम्न पद में जिस रेल सेवक को, उसे दी गयी उच्च श्रेणी के कारण उससे वरिष्ठ कर्मचारी से पहले प्रोन्नत किया जाता है, उसके मामले में यदि निम्न पद में वरिष्ठ कर्मचारी को बाद में प्रोन्नत किया जाता है और उसे अधिक वेतन मिलता है, तो क्या कनिष्ठ कर्मचारी पर वेतन बढाने के आदेश लागू होंगे?

स्पष्टीकरण – नही वेतन बढ़ाने संबंधी आदेश ऐसे मामलों में लागू नही होंगे जहाँ ग्रेड में कनिष्ठ कर्मचारी को चयन बोर्ड व्दारा दिये गये उच्च स्थान के कारण पहले ही प्रोन्नत किया जाए और वरिष्ठ कर्मचारी (निम्न ग्रेड में) को बाद में प्रोन्नत किया जाये।

प्रश्न – उन मामलों में जहाँ निम्न पद में ज्येष्ठता की सूची उसी कार्यालय में बनायी जाती हो और उच्च पद की ज्येष्ठता सूची रेलों के आधार पर बनाई जाती हो, वहाँ वेतन संबंधी आदेश कैसे लागू किए जाएगे?

स्पष्टीकरण - वेतन बढ़ाने संबंधी उपबंधो के अनुसार कनिष्ठ और वरिष्ठ दोनों रेल सेवक एक ही संवर्ग के होने चाहिए। उदाहरण - जहाँ स्थायी रूप से किसी ज्येष्ठता (प्रोन्नति) समूह के वरिष्ठ कर्मचारी की सभी रेलों के आधार पर बनाई गई ज्येष्ठता सूची के उच्च पद पर पहले प्रोन्नत किया जाता है, वहाँ केवल स्थानीय रूप से रखे जाने वाले निम्न पद के उसी ज्येष्ठता समूह के कनिष्ठ कर्मचारी के वेतन के सन्दर्भ में उसका वेतन बढ़ाया जा सकता है।

प्रश्न -  किसी रेल सेवक की उच्च पद पर प्रोन्नति होने पर इस नियम के अंतर्गत निर्धारित वेतन किस प्रकार विनियमित किया जाना चाहिए,जब निम्न पद में उसके कनिष्ठ को निम्न पद में एक वेतन – वृध्दि पाने के बाद उसी उच्च पद पर प्रोन्नत किया जाता है और उसके कारण उसका वेतन उच्च पद में ज्येष्ठ रेल सेवक से उच्च स्तर पर निर्धारित किया जाता है।

स्पष्टीकरण – विसंगति दूर करने के लिए रेल सेवक को उसकी प्रोन्नति पर उका वेतन निश्चित करने के लिए निम्न रूप से विकल्प दिया जा सकता है –

a) चाहे उच्च पद में उसका प्रारम्भिक वेतन निम्न पद के वेतनमान में वेतन – वृध्दि के प्रोद्भवन पर आगे कोई पुनरीक्षा किए बिना सीधे नियम 1316 (मूल नियम 22 ग) के आधार पर निश्चित किया जायेगा।

b) प्रोन्नति पर उसका वेतन प्रारम्भ में इस प्रकार निश्चित किया जाए जैसा कि नियम 1313 (मूल नियम 22(क)(i) में व्यवस्था है। जिसे निम्न पद के वेतनमान में अगली वेतन – वृध्दि के प्रोद्भवन की तारीख को नियम 1316 (मूल नियम 22–ग) के उपबंधो के आधार पर पुन: निश्चित किया जाये ।

यदि ऊपर b के अंतर्गत वेतन निश्चित किया गया हो तो अगली वेतन – वृध्दि की तारीख दूसरे अवसर पर वेतन के पुनर्निर्धारण की तारीख से 12 महीने की अर्हक सेवा पूरी करने पर आयेगी।

विकल्प प्रोन्नति की तारीख से एक महीने के भीतर दिया जाए एक बार दिया गया विकल्प अंतिम होगा यह 1.5.81 को या बाद में हुई प्रोन्नतियो पर लागू है 

प्रश्न - क्या उच्च पद का वेतन निश्चित करते समय साधारण मामले की तरह नियम 1316 के अनुसार निम्न वेतनमान में एक वेतन – वृध्दि दी जा सकती है अथवा यदि निम्न वेतनमान में दक्षता अवरोध शामिल हो तो उच्च पद का वेतन निश्चित करने से पहले रेल सेवक को उसे करने की अनुमति देने के लिए सक्षम प्राधिकारी के आदेश की आवश्यकता है?

स्पष्टीकरण – यह विनिश्चित किया गया है कि उच्च पद में वेतन निश्चित करने के प्रयोजन के लिए निम्न वेतनमान में दक्षतारोध पार करने के आदेशो की आवश्यकता नही है.

(प्राधिकार रेलवे बोर्ड का दिनांक 1.1.62 का पत्र संख्या पी.सी. 60/पी.पी.I)


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